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To met whom who gave inspiration

to met whom

who gave inspiration

आज जो भी कहूँगा वो है मेरे जहीन बनने की एक सी निशानी ,
कल जो भी सुनेगा इसे वो कहे यही है वो हसीन सी एक कहानी ।

आज की तस्वीर है ज़िन्होने मेरे इल्म को दिया है एक परवाज ,
कल की तकदीर है उन्होने कहा तेरी ही कला है एक सरताज ।
Lalit Mohan Chandra Shekhar

Someone is passing daily

Someone is passing daily

जो बीत रहा यूँ आज पल पल वह है अपना ही एक समय,
जो कम हो रही यूँ घड़ी घड़ी वह है अपनी एक ये ज़िन्दिगी।
जो चल रहा यूँ तनहा होकर वह है अपने सफर का एक मुसाफिर ,
जो बदल रही हर दिन और रात वह है अपनी एक सी कायनात ।
Sikander Inqulabi

My life is not bed of roses

“My Life is not bed Of Roses”

मैंने तब न किसी से रहम माँगी थी और न अभी भी किसी से माँग रहा हूँ,
वही एक ऐसी कसौटी थी जिसने मुझे सफल होने के बाद ही मेरे जीवन को मकबूल किया। आज भी मैं इस असीम इल्म को हर बार सबके सामने सिजदा करता हूँ, जिस ने उस पल मुझे आप सभी का हमेशा एक सच बोलने वाला एक मुखतार बना दिया । “Sikander Inqulabi “

Love is true when keep your promises

“A love will be true when
you keep the promises”

तब भी ऐतबार किया जिन पर ज़िन को मैंनें कहा नूर एे नज़र ,
अब भी हो रहा है उन्ही का इंतजार यहीं पर इसी शाम एे सहर ।

आज भी लिखता हूँ अपनी कलम से निकला हुआ एक ऐसा ताराना ,
कल भी सुनाता था तुझे एे मेरी सनम जो तुम्हे कर देता मेरा दीवाना।

“Abhishek Pandeyji”

My end will be beginning of the War”

“My end will be

beginning of the War”

एक पल मे दुनिया से ये शक्स हमेशा के लिए मिटा दिया जाना है ,
फिर भी उसे किसी हसीन की याद मे अक्स की तरह ही आना है ।

वक़्त भी जब देखता रहेगा उसका ये कुछ अनजाना अलग सा सफर,
रक्त ही बहेगा उसके नापाक ज़िस्म से तभी तो मचेगा घनघोर वो गद़र।
“Sikander Inqulabi”

A life is like a paper

“A life like a blank paper”

आज पता चल ही गया मुझे ज़िन्दिगी एक अनोखा ही फसाना है,
जो वही गीत गाती और कहती मुझसे यही तू ही एक मदहोश तराना है।
वो गुजर जाती है हर एक पल मुझसे यही कहती तू ही मुसाफिर अपना है ,
कल भी उससे यही कहना है फिर से तुझे कोरे कागज पे ही रंगना है ।
“Abhishek Pandeyji”